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श्री चण्डी कवचम् (दुर्गा कवच)

दुर्गा कवच का पाठ करने से देवी भगवती अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उन्हें रक्षा प्रदान करतीं हैं। इस कवच का पाठ दुर्गा सप्तशती के पाठ करने से पहले किया जाता है। इसके बाद अर्गला स्तोत्र और फिर कीलक स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
।। ॐ अस्य श्रीचण्डीकवचस्य ब्रह्मा ऋषि:, अनुष्टुप् छन्द:, चामुण्डा देवता, अङ्गन्यासोक्तमातरो बीजम, दिग्बंधदेवतास्तत्वम, श्रीजगदम्बाप्रीत्यर्थे सप्तशतीपाठाङ्गत्वेन विनियोगः ।।

ॐ श्री चण्डिका देवी को नमस्कार है।
।। इति श्रीवाराहपुराणे हरिहरब्रह्मविरचितं देव्याः कवचम् संपूर्णम् ।।